आयकर (ज्ञान श्रृंखला-2)

आयकर (ज्ञान श्रृंखला-2)

वेतन आय

·         किसे वेतन आय के रूप में माना जाता है?

​​आयकर अधिनियम की धारा 17(1)शब्दवेतनको परिभाषित करती है। हालांकि, तकनीकी परिभाषा में जाते हुए, सामान्य तौर पर नियोक्ता से एक कर्मचारी द्वारा प्राप्त किया जाने वाला नकद, वस्तु या किसी सुविधा [परिलब्धि] को वेतन के रूप में माना जाता है।

·         भत्ते क्या हैं? क्या सभी भत्ते कर योग्य होते हैं?​

भत्ते वेतन से भिन्न नियत आवधिक राशियां हैं जो नियोक्ता द्वारा कर्मचारी की कुछ विशेष जरूरतों को पूरा करने के प्रयोजन हेतु भुगतान किये जाते हैं, उदाहरण के लिएटिफिन भत्ता, परिवहन भत्ता, वर्दी भत्ता,आदि।

आयकर के प्रयोजन हेतु भत्ते सामान्यतय: तीन प्रकार के होते हैंकर योग्य भत्ते, पूरी तरह से कर मुक्त भत्ते और आंशिक रूप से कर छूट वाले भत्ते।

·     मेरा नियोक्ता मेरे लिए किराना और बच्चों की शिक्षा पर होने वाले सभी खचोर्ं की प्रतिपूर्ति करता है। क्या इन्हें मेरी आय माना जाएगा?

हाँ, ये परिलब्धि की प्रकृति के हैं और इस संबंध में निर्धारित नियमों के अनुसार इनका मूल्यन किया जाना चाहिए।
·       वर्ष के दौरान मैंने तीन अलगअलग नियोक्ताओं के साथ काम किया और उनमें से किसी ने भी मुझको अदा किए गए वेतन से किसी कर की कटौती नहीं की। यदि इन सभी राशियों को एक साथ मिला दिया जाय तो, मेरी आय बुनियादी छूट की सीमा से अधिक हो जाएगी। क्या मुझे स्वयं कर का भुगतान करना होगा?

हाँ, आपको स्व निर्धारण कर का भुगतान करना होगा और आय की विवरणी दाखिल करनी होगी।
·      यद्यपि कि वेतन से कोर्इ भी कर कटौती नहीं की गयी है, क्या मेरे नियोक्ता के लिए मुझे फार्म-16 जारी करना आवश्यक है?

फार्म -16 टीडीएस का एक प्रमाण पत्र है। आपके मामले में यह लागू नहीं होगा। हालांकि, आपके नियोक्ता को एक वेतन विवरण अवश्य जारी करना चाहिए।
·       क्या पेंशन आय पर वेतन आय के रूप में कर लगाया जाता है?

हाँ। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र से प्राप्त पेंशन कर मुक्त है।

·       क्या पारिवारिक पेंशन पर वेतन आय के रूप में कर लगाया जाता है?

नहीं, यह अन्य स्रोतों से आय के रूप में कर योग्य है।

·    यदि मैं एक बैंक के माध्यम से अपनी पेंशन प्राप्त करता हूं तो मुझे फार्म -16 या पेंशन विवरण कौन जारी करेगा, बैंक या मेरा पूर्व नियोक्ता?

बैंक

·       क्या पीएफ ग्रेच्युटी जैसे सेवानिवृत्ति लाभ कर योग्य हैं?

एक सरकारी कर्मचारी के लिए सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी पीएफ की प्राप्ति को कर से छूट दी गर्इ है। गैर सरकारी कर्मचारी के लिए, ग्रेच्युटी इस संबंध में निर्धारित सीमा के अधीन कर मुक्त है और पीएफ प्राप्तियां कर मुक्त हैं यदि वे कम से कम 5 साल की निरंतर सेवा प्रदान करने के बाद एक मान्यता प्राप्त पीएफ से प्राप्त होती हैं।
·       क्या वेतन की बकाया राशि कर योग्य है?

​​हाँ। हालांकि, उन वषोर्ं के लिए जिनसे आय का प्रसार लाभ कम कर आपात दर के लिए उठाया जा सकता है। इसे आयकर अधिनियम की धारा 89के तहत राहत के रूप में जाना जाता है।
·     क्या मेरा नियोक्ता वेतन से टीडीएस की गणना करने के प्रयोजन हेतु धारा 89 के तहत राहत पर विचार कर सकता है?

​​हाँ, यदि आप एक सरकारी कर्मचारी या किसी सार्वजनिक उपक्रम या कंपनी या सहकारी समिति या स्थानीय प्राधिकारण या विश्वविद्यालय या संस्थान या संघ या निकाय के एक कर्मचारी हैं। ऐसी स्थिति में आपको अपने नियोक्ता को फार्म सं 10प्रस्तुत करना होगा।

·    किराये पर दी गर्इ गृह संपत्ति से मेरी आय ऋणात्मक है। वेतन पर टीडीएस की गणना करते समय क्या मैं अपने नियोक्ता से अपनी वेतन आय के सापेक्ष इस नुकसान पर विचार करने के लिए कह सकता हूँ?

हाँ, हालांकि, वेतन से टीडीएस का निर्धारण करते समय गृह संपत्ति नुकसान के अलावा किसी अन्य नुकसान पर विचार नहीं किया जा सकता।

·       क्या अवकाश नकदीकरण वेतन के रूप में कर योग्य है?

सेवा में रहने के दौरान प्राप्त किये जाने पर यह कर योग्य है। सरकारी कर्मचारी के लिए सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त अवकाश नकदीकरण पर छूट दी गर्इ है। गैर सरकारी कर्मचारी के लिए अवकाश नकदीकरण पर आयकर कानून के तहत इस संबंध में निर्धारित सीमा अधीन छूट प्राप्त है।

·       क्या, परिपक्वता पर बोनस के साथ जीवन बीमा पॉलिसियों से प्राप्तियां कर योग्य हैं?


​​​​ धारा 10 (10) के अनुसार, बोनस सहित जीवन बीमा पॉलिसी के तहत प्राप्त कोर्इ भी राशि कर से मुक्त है।

हालांकि निम्नलिखित प्राप्तियां कर का विषय है इस संबंध में निम्नलिखित बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए:

  (1)  धारा 80 घघ की उपधारा (3) के अंतर्गत प्राप्त कोर्इ राशि

  (2)  मुख्य बीमा नीति के अंतर्गत प्राप्त कोर्इ राशि

  (3)   1 अप्रैल 2003 को या उसके बाद जारी की गर्इ पॉलिसियों के संबंध में प्राप्त कोर्इ राशि, जब किसी भी वित्तीय 
वर्ष में ऐसी पॉलिसी के प्रीमियम पर किया गया भुगतान वास्तविक बीमित पूंजी के 20% (1 अप्रैल 2012 को या उसके बाद ली गर्इ पॉलिसी के संबंध में 10%) से अधिक है।

  (4)   जिसमें प्रीमियम की राशि वास्तविक पूंजीगत बीमाकृत राशि के 15% से अधिक होता है के संबंध में निर्दिष्ट व्यक्ति (1 अप्रैल 2013 को अथवा पश्चात् जारी) के जीवन बीमा के लिए प्राप्त कोर्इ राशि

कोर्इ व्यक्ति जो

  (i)   धारा 80 के अंतर्गत निर्दिष्ट गंभीर विकलांग अथवा विकलांग व्यक्ति
  (ii)   धारा के अंतर्गत बनाए गए नियम में निर्दिष्टानुसार बीमारी अथवा रोग से ग्रसित

निम्नलिखित बातों को इस संबंध में ध्यान दिया जाना चाहिए :

  •  छूट केवल जीवन बीमा पॉलिसी से प्राप्त राशि के संबंध में उपलब्ध है।

  •   धारा 10 (10)के तहत छूट, 31 मार्च 2003 को या उससे पहले जारी की गर्इ पॉलिसी से प्राप्त राशि के संबंध में बिना शर्त उपलब्ध है।


  •  व्यक्ति की मृत्यु पर प्राप्त राशि पर बिना किसी शर्त के छूट जारी रहेगी।
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Published by Business So Simple

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