Income tax implications on Cash Loan/Deposits/Advances (Section 269SS)

Income tax implications
on
Cash Loan/Deposits/Advances

Bipul Kumar
Business Consultant
Contact us: 9304027546, 9560084833
Tax Provision
269SS of Income Tax Act 1961 Mode of taking or accepting certain loans, deposits and specified sum.
Mode of taking or accepting certain loans, deposits and specified sum.
269SS. No person shall take or accept from any other person (herein referred to as the depositor), any loan or deposit or any specified sum(“specified sum” means any sum of money receivable, whether as advance or otherwise, in relation to transfer of an immovable property, whether or not the transfer takes place), otherwise than by an account payee cheque or account payee bank draft or use of electronic clearing system through a bank account [or through such other electronic mode as may be prescribed], if,—
 (a) the amount of such loan or deposit or specified sum or the aggregate amount of such loan, deposit and specified sum; or
 (b) on the date of taking or accepting such loan or deposit or specified sum, any loan or deposit or specified sum taken or accepted earlier by such person from the depositor is remaining unpaid (whether repayment has fallen due or not), the amount or the aggregate amount remaining unpaid; or
 (c) the amount or the aggregate amount referred to in clause (a) together with the amount or the aggregate amount referred to in clause (b),
is twenty thousand rupees or more:
कुछ उधार, निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशियां लेने या प्रतिगृहीत करने का ढंग
269धध. कोर्इ व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से (जिसे इसमें निक्षेपकर्ता कहा गया है) कोर्इ उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट धनराशि(विनिर्दिष्ट राशिसे किसी स्थावर संपत्ति के अंतरण के संबंध में, चाहे ऐसा अंतरण होता है अथवा नहीं, अग्रिम के रूप में या अन्यथा, प्राप्य कोर्इ धनराशि अभिप्रेत है) पाने वाले के खाते में देय चैक या पाने वाले के खाते में देय बैंक ड्राफ्ट द्वारा या किसी बैंक खाते के माध्यम से [इलैक्ट्रानिक निकासी प्रणाली का उपयोग करके या किसी अन्य इलैक्ट्रानिक पद्धति का उपयोग करके, जो विहित की जाए] ही लेगा या प्रतिगृहीत करेगा अन्यथा नहीं, यदि
() ऐसे उधार या निक्षेप की रकम या विनिर्दिष्ट राशि अथवा ऐसे उधार, निक्षेप और विनिर्दिष्ट राशि की कुल रकम; या
() ऐसे उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशि लेने या उसका प्रतिग्रहण करने की तारीख को ऐसे व्यक्ति द्वारा उस निक्षेपकर्ता से पहले लिया गया या प्रतिगृहीत उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशि (चाहे प्रतिसंदाय शोध्य हो गया हो या नहीं) की रकम या कुल रकम, जो असंदत है; या
() खंड () में निर्दिष्ट रकम या कुल रकम खंड () में निर्दिष्ट रकम या कुल रकम के साथ मिलकर,
बीस हजार रुपए या उससे अधिक है :
Provided that the provisions of this section shall not apply to any loan or deposit or specified sum taken or accepted from, or any loan or deposit or specified sum taken or accepted by,—
 (a) the Government;
 (b) any banking company, post office savings bank or co-operative bank;
 (c) any corporation established by a Central, State or Provincial Act;
 (d) any Government company as defined in clause (45) of section 2 of the Companies Act, 2013 (18 of 2013);
 (e) such other institution, association or body or class of institutions, associations or bodies which the Central Government may, for reasons to be recorded in writing, notify in this behalf in the Official Gazette:
Provided further that the provisions of this section shall not apply to any loan or deposit or specified sum, where the person from whom the loan or deposit or specified sum is taken or accepted and the person by whom the loan or deposit or specified sum is taken or accepted, are both having agricultural income and and neither of them has any income chargeable to tax under this Act.
परंतु इस धारा के उपबंध ऐसे किसी उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशि को लागू नहीं होंगे जो निम्नलिखित से ली अथवा प्रतिगृहीत की जाती है या ऐसे किसी उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशि को लागू नहीं होंगे जो निम्नलिखित द्वारा ली जाती है या प्रतिगृहीत की जाती है, अर्थात् :—
() सरकार;
() कोर्इ बैंककारी कंपनी, डाकघर बचत बैंक या सहकारी बैंक;
() केंद्रीय, राज्य या प्रान्तीय अधिनियम द्वारा स्थापित कोर्इ निगम;
() कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 2 के खंड (45) में यथापरिभाषित कोर्इ सरकारी कंपनी;
() ऐसी अन्य संस्था, संगम या निकाय अथवा ऐसे वर्ग की संस्थाएं, संगम या निकाय जिन्हें केंद्रीय सरकार, लेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से, राजपत्र में इस निमित अधिसूचित करें :
परंतु यह और कि इस धारा के उपबंध किसी उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशि को लागू नहीं होंगे जहां ऐसा व्यक्ति जिससे उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशि ली जाती है या प्रतिगृहीत की जाती है और ऐसा व्यक्ति जिसके द्वारा उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट धनराशि ली जाती है या प्रतिगृहीत की जाती है, दोनों ही की कृषि आय है और उनमें से किसी की भी इस अधिनियम के अधीन कर से प्रभार्य कोर्इ आय नहीं है।
Explanation.—For the purposes of this section,—
  (i) “banking company” means a company to which the provisions of the Banking Regulation Act, 1949 (10 of 1949) applies and includes any bank or banking institution referred to in section 51 of that Act;
 (ii) “co-operative bank” shall have the same meaning as assigned to it in Part V of the Banking Regulation Act, 1949 (10 of 1949) ;
(iii) “loan or deposit” means loan or deposit of money;
(iv) “specified sum” means any sum of money receivable, whether as advance or otherwise, in relation to transfer of an immovable property, whether or not the transfer takes place.
स्पष्टीकरण.इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(i) “बैंककारी कंपनीसे ऐसी कंपनी अभिप्रेत है जिसे बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) के उपबंध लागू होते हैं और इसके अंतर्गत उस अधिनियम की धारा 51 में निर्दिष्ट कोर्इ बैंक या बैंककारी संस्था भी है;
(ii) “सहकारी बैंकका वही अर्थ होगा, जो बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) के भाग 5 में उसका है;
(iii) “उधार या निक्षेपसे धन का उधार या निक्षेप अभिप्रेत है;
(iv) “विनिर्दिष्ट राशिसे किसी स्थावर संपत्ति के अंतरण के संबंध में, चाहे ऐसा अंतरण होता है अथवा नहीं, अग्रिम के रूप में या अन्यथा, प्राप्य कोर्इ धनराशि अभिप्रेत है।
Penalty for failure to comply with the provisions of section 269SS.
271D. (1) If a person takes or accepts any loan or deposit or specified sum in contravention of the provisions of section 269SS, he shall be liable to pay, by way of penalty, a sum equal to the amount of the loan or deposit or specified sum so taken or accepted.
(2) Any penalty imposable under sub-section (1) shall be imposed by the Joint Commissioner.
धारा 269धध के उपबंधों के पालन में असफलता के लिए शास्ति
271. (1) यदि कोर्इ व्यक्ति धारा 269धध के उल्लंघन में कोर्इ उधार लेगा या निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशि स्वीकार करेगा, तो वह शास्ति के रूप में इस प्रकार लिए गए या स्वीकृत उधार या निक्षेप या विनिर्दिष्ट राशि की रकम के बराबर राशि का संदाय करने का दायी होगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन अधिरोपणीय कोर्इ शास्ति संयुक्त आयुक्त द्वारा अधिरोपित की जाएगी
Illustrations:   
1. Mr. A accepted loan  from Mr B (on 30/07/2019 Rs. 12,000/- by Cash  on  15/12/2019 Rs. 15,000/- by bearer cheque)
2. Mr. A accepted loan  from Mr B (on 01/08/2019 Rs. 15,000/- by way of account payee cheque  on  16/12/2019 Rs. 15,000/- by  cash)
3. Mr. A accepted loan  from Mr B (on 01/08/2019 Rs. 15,000/- by cash on  16/12/2019 Rs. 15,000/- by way of account payee cheque )
Thank You !
Bipul Kumar
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