The officers of Bhiwandi Commissionerate of CGST Mumbai Zone have arrested a businessman was running a Fake GST Input Tax Credit racket. Acting on an intelligence from Central Intelligence Unit of Mumbai CGST Zone, the officers initiated coordinated action at different locations in Thane, Bhiwandi, Raigad and Mumbai and detected GST evasion of Rs 11.4 crores through generation and passing of fake ITC through intricate web of bogus billing of more than 63 Crores.

          The search was conducted at Bhiwandi based business premises of M/s. Adarsh Scrap Traders which was indulging in bogus billing and availment and passing on of fake ITC and thus defrauding the Government exchequer of its rightful GST revenue. The initial investigation revealed that firm had fraudulently claimed and passed on Input Tax Credit (ITC) of Rs.11.4 Crores without actual supply or receipt of goods. The proprietor of the firm, confessed to the bogus billing and running of fake ITC racket. He was arrested on 21.01.2022 under Section 69 of CGST Act, 2017 and was produced before the Hon’ble Additional Chief Metropolitan Magistrate, Fort, Mumbai, today on 22.1.2022. The Hon’ble CMM has remanded the accused to 14 days judicial custody, till 04.02.2022.

          The amount of fake ITC involved is likely to go up during the ongoing investigation once the entire network is investigated. The roots of this network are spread across the cities of Nagpur, Pune, Delhi and Nasik apart from Mumbai and Thane. At this stage, it seems that around 25 entities are part of this network. Jurisdictional Commissionerates are being informed to initiate legal action against the firms falling in their jurisdiction.

          This operation is a part of efforts by CGST Mumbai Zone to eradicate fake ITC networks, which have been vitiating the healthy economic ecosystem of the country and defrauding the Government Exchequer. This the Sixth arrest by Bhiwandi Commissionerate in last 6 months. The department will intensify the drive against fake ITC networks and other GST evaders in the coming months.

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CGST Bhiwandi Commissionerate/CP/PK

सीजीएसटी भिवंडी कमिश्नरी ने एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया


नकली आईटीसी नेटवर्क, 63 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग का मामला
Posted Date:- Jan 22, 2022

सीजीएसटी भिवंडी कमिश्नरी ने एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया और एक नकली आईटीसी नेटवर्क को तोड़ दिया जिसने 63 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की।

सीजीएसटी मुंबई जोन के भिवंडी कमिश्नरी के अधिकारियों ने 25 से अधिक फर्जी संस्थाओं के एक नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसने 63 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी बिलिंग की और नकली आईटीसी के माध्यम से सरकार को 11.4 करोड़ रुपये का चूना लगाया। एक फर्जी इकाई के मालिक को गिरफ्तार किया गया है।

मुंबई सीजीएसटी जोन की सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट से एक खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, अधिकारियों ने ठाणे, भिवंडी, रायगढ़ और मुंबई में विभिन्न स्थानों पर समन्वित कार्रवाई शुरू की और फर्जी बिलिंग के जटिल वेब के माध्यम से नकली आईटीसी के उत्पादन और पासिंग के माध्यम से 11.4 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का पता लगाया ।

तलाशी, मैसर्स के भिवंडी स्थित व्यावसायिक परिसर में की गई। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फर्म ने धोखे से दावा किया था और माल की वास्तविक आपूर्ति या प्राप्ति के बिना 11.4 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को पारित कर दिया था। फर्म के मालिक ने फर्जी बिलिंग और फर्जी आईटीसी रैकेट चलाने की बात कबूल की। उन्हें सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत 21.01.2022 को गिरफ्तार किया गया था और आज 22.1.2022 को माननीय अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, फोर्ट, मुंबई के समक्ष पेश किया गया। माननीय सीएमएम ने आरोपी को 04.02.2022 तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पूरे नेटवर्क की जांच के बाद चल रही जांच के दौरान इसमें शामिल नकली आईटीसी की मात्रा बढ़ने की संभावना है। इस नेटवर्क की जड़ें मुंबई और ठाणे के अलावा नागपुर, पुणे, दिल्ली और नासिक शहरों में फैली हुई हैं। इस स्तर पर, ऐसा लगता है कि लगभग 25 संस्थाएं इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। क्षेत्राधिकार आयुक्तालयों को उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाली फर्मों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए सूचित किया जा रहा है।

यह ऑपरेशन सीजीएसटी मुंबई ज़ोन द्वारा नकली आईटीसी नेटवर्क को मिटाने के प्रयासों का एक हिस्सा है, जो देश के स्वस्थ आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र को खराब कर रहा है और सरकारी खजाने को धोखा दे रहा है। पिछले 6 महीनों में भिवंडी कमिश्नरी द्वारा यह छठी गिरफ्तारी है। विभाग आने वाले महीनों में नकली आईटीसी नेटवर्क और अन्य जीएसटी चोरों के खिलाफ अभियान तेज करेगा।